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बोकारो ट्रेजरी घोटाले में CID का बड़ा एक्शन, अकाउंटेंट और दो पुलिसकर्मी अरेस्ट; 10 करोड़ रुपये मनी ट्रेल का खुलासा

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : May 01, 2026 03:57 pm IST,  Updated : May 01, 2026 04:08 pm IST

झारखंड सीआईडी ने बोकारो कोषागार घोटाले के संबंध में 10 करोड़ रुपये के धन के स्रोत का पता लगाया है। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। सीआईडी ने 1.8 करोड़ रुपये और 18 लाख रुपये की दो एफडी को 'फ्रीज' कर दिया है।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

रांचीः झारखंड CID ने बोकारो ट्रेजरी घोटाले के सिलसिले में 10 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल का पता लगाया है। विभाग ने 1.8 करोड़ रुपये और 18 लाख रुपये की दो फिक्स्ड डिपॉजिट (FDs) को फ्रीज़ कर दिया है, जिन्हें कथित तौर पर बोकारो ट्रेजरी से कई बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। आधिकारियों ने बताया कि CID ने बोकारो पुलिस विभाग के अकाउंटेंट कौशल कुमार पांडे के अलावा दो पुलिसकर्मियों को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में ASI अशोक कुमार भंडारी और होम गार्ड जवान सतीश कुमार शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त

ASI अशोक कुमार भंडारी के घर पर छापेमारी के दौरान उनकी कथित तौर पर अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। उनकी संपत्तियों में बोकारो के तेलीडीह में 4.08 डेसिमल ज़मीन, उस ज़मीन पर बना तीन-मंज़िला आलीशान घर शामिल है। CID ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट की धाराओं के तहत FIR दर्ज की और तीनों व्यक्तियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

जानें पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, कौशल कुमार पांडे को राम नरेश सिंह, उपेंद्र सिंह, एस कुमार और कई अन्य लोगों के नाम पर राजकोष के वेतन वितरण खाते से कथित तौर पर छह करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कोषागार अधिकारी गुलाब चंद ओरांव द्वारा बोकारो स्टील सिटी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद, हजारीबाग जिले में पुलिस विभाग की लेखा शाखा में कार्यरत तीन व्यक्तियों शंभू कुमार, रजनीश सिंह और धीरेन्द्र सिंह को पिछले आठ वर्षों में दो बैंक खातों से कथित तौर पर 15.41 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में आठ अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। बाद में नौ अप्रैल को इस मामले के संबंध में दो और व्यक्तियों शंभू सिंह की पत्नी काजल कुमारी और रजनीश सिंह की पत्नी खुशबू कुमारी को गिरफ्तार किया गया।

सरकार करा रही है मामले की जांच

बता दें कि 26 अप्रैल को पश्चिम सिंहभूम जिला कोषागार से "27 लाख रुपये के गबन" में कथित संलिप्तता के आरोप में एक पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। मामला सामने आने के बाद चाईबासा के कोषागार अधिकारी सुमित कुमार सिंह के बयान के आधार पर मुफस्सिल पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, 28 अप्रैल को पुलिस ने पड़ोसी पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका ब्लॉक से मुख्य आरोपी कांस्टेबल लेखाकार देव नारायण मुर्मू, उसके रिश्तेदारों अरुण कुमार मर्डी और सरकार हेम्ब्रोम सहित चार लोगों को और ओडिशा के मयूरभंज जिले से उसके दोस्त गोराचंद मर्डी को भी गिरफ्तार किया। धोखाधड़ी के जरिए धन निकासी की खबरों के मद्देनजर, राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सभी जिला कोषागारों का व्यापक ऑडिट (लेखापरीक्षा) करने का आदेश दिया।  

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